अग्नि, आस्था और राजनीति: गोरखपुर में रंग से पहले राम

गौरव त्रिपाठी
गौरव त्रिपाठी

होली की पूर्व संध्या पर गोरखपुर का माहौल सिर्फ रंगों की तैयारी में नहीं, बल्कि धार्मिक ऊर्जा से भी सराबोर दिखा। Holika Dahan कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath खुद मौजूद रहे।

जैसे ही वे मंच पर पहुंचे, भीड़ से एक साथ “जय श्री राम” के नारे गूंज उठे। माहौल ऐसा कि राजनीतिक रैली और धार्मिक उत्सव की रेखा धुंधली पड़ती दिखी।

विधि-विधान से पूजन, कैमरों की फ्लैश के बीच

मुख्यमंत्री ने पूरे वैदिक मंत्रोच्चार के साथ होलिका दहन किया। सुरक्षा घेरा कड़ा था, लेकिन श्रद्धालुओं का उत्साह उससे भी ज्यादा मजबूत।

आग की लपटों के बीच CM ने प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की और भाईचारे से होली मनाने का संदेश दिया।

Ground पर मौजूद लोगों का कहना था “यह सिर्फ पर्व नहीं, परंपरा है।”

जब राजनीति और सिनेमा एक मंच पर

गोरखपुर के सांसद और अभिनेता Ravi Kishan भी कार्यक्रम में पहुंचे। उन्होंने भी होलिका की परिक्रमा की और लोगों को बधाई दी। स्थानीय युवाओं के लिए यह पल ‘selfie moment’ में बदल गया। आस्था के साथ-साथ स्टार पावर भी पूरी तरह मौजूद थी।

सुरक्षा व्यवस्था: No Chance Taken

प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में दिखा। पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे। भीड़ बड़ी थी, लेकिन कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।

यह आयोजन सिर्फ धार्मिक रस्म नहीं, बल्कि राजनीतिक और सामाजिक संदेश का मंच भी बन गया।

होली के रंग अभी सूखे ही थे, पर मंच पर राजनीतिक रंग पूरी तरह चढ़े हुए थे। आस्था की आग में संदेश साफ था “त्योहार भी, ताकत भी।”

गोरखपुर में Holika Dahan ने दिखाया कि उत्तर प्रदेश की राजनीति में धार्मिक आयोजन सिर्फ परंपरा नहीं, narrative भी गढ़ते हैं।

Gorakhpur का Holika Dahan 2026 सिर्फ एक धार्मिक आयोजन नहीं था। यह शक्ति प्रदर्शन, जनसंपर्क और सांस्कृतिक प्रतीकवाद का मिश्रण भी रहा। त्योहारों की भीड़ में राजनीति का रंग कितना घुलता है—यह सवाल हर साल की तरह इस बार भी हवा में तैरता रहा।

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